भारत के चार शहरों में ब्रिक्स जैवचिकित्सा केन्द्र बनाए जाएँगे
ब्रिक्स बायोमेड कॉरपोरेशन ने सन् 2025 तक भारत के चार शहरों कन्याकुमारी, बंगलुरु, हैदराबाद और दिल्ली में ब्रिक्स जैवचिकित्सा केन्द्र स्थापित करने की योजना बनाई है।
ब्रिक्स बायोमेड अकादमी के सह-अध्यक्ष एस० जी० प्रकाश विंसेण्ट ने बताया कि ब्रिक्स बायोमेड कॉरपोरेशन का उद्देश्य लोगों को सस्ती और नई से नई दवाइयाँ उपलब्ध कराना है। पूरी दुनिया में जैवचिकित्सा की बड़ी सम्भावनाएँ हैं। इस बात का प्रमाण यह है कि अगर इस क्षेत्र में 5 अरब डॉलर का निवेश किया जाए तो 2015 से 2021 के बीच यह निवेश 50 अरब डॉलर के रूप में वापिस आएगा।
रूस के तोम्स्क नगर के हृदय विज्ञान अनुसन्धान संस्थान के हृदय-विशेषज्ञ और ब्रिक्स बायोमेड के अध्यक्ष शमील अख़्मेदफ़ ने बताया कि इस कंसोर्सियम कम्पनी की स्थापना करने का मुख्य उद्देश्य मानवीय बीमारियों के निदान और उनके इलाज के लिए नई जैवचिकित्सा तकनीकों का विकास करना, जैव-तकनीकी उत्पादनों की घरेलू मांग और उनके निर्यात को बढ़ावा देना तथा नई जैव-तकनीकी प्रौद्योगिकी के आधार पर जैव-तकनीक उद्योगों की स्थापना करना है।
शमील अख़्मेदफ़ ने कहा कि इस कम्पनी का उद्देश्य अभिनव तकनीकी परियोजनाओं का विकास करना तथा व्यापारिक अनुसन्धान करके नवीन परियोजनाओं को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि यह कम्पनी मार्केटिंग करके बाज़ार में पैदा होने वाली मांग के बारे में जानकारी इकट्ठी करके नए ब्रिक्स विकास बैंक से नई परियोजनाओं के लिए धन जुटाने के लिए प्रस्ताव तैयार करेगी तथा सह निवेशकों की खोज करेगी। यह कम्पनी नए उद्यमियों को व्यापार जमाने में सहायता देगी, उनकी खोजों को पेटेण्ट कराने में सहायक सिद्ध होगी और स्पिन कम्पनियों के निर्माण में सहायता करेगी।
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